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अपनी आलिशान जिंदगी ठुकरा कर पति का सपना पूरा कराया पत्नी ने ,बेहद खुबसूरत है सुरेश ओबेरॉय की प्रेमकहानी

दोस्तो आपकी जानकारी के लिये बता दे कि सुरेश ओबरॉय एक मिडिल क्लास परिवार से संबंध रखते है। जब वो मुंबई आये थे तब उनके पास सिर्फ 400  रुपये थे ,उंन्होने बहुत ही संघर्ष के बाद जो मुकाम हासिल किया है वो  शब्दो का मोहताज़ नहीं है । सुरेश ओबरॉय के इस कठिन संघर्ष में अगर किसी ने साथ दिया है तो वो है उनकी पत्नी यशोधरा है जो कि हमेशा अपने पति की ढाल बनकर खड़ी रही  है। यशोधरा ने अपने पति सुरेश ओबरॉय का कैरियर बनाने के लिये अपनी अलाशीन ज़िंदगी को भी कुर्बान कर दिया ।

एक बार एक इंटरव्यू में यशोधरा ने बताया था कि उनकी शादी 1974 में एक अरेंज मैरिज थी । ये शादी उन दोनों परिवारों के बीच एक दोस्त के वजह से हुई थी । यशोधरा के पिता उस समय के जाने माने व्यापारी थे तो वही सुरेश ओबरॉय  उस समय अपने शुरआती फ़िल्मी कैरियर के लिये संघर्ष कर रहे थे। उस समय सुरेश ओबरॉय के पास ज़्यादा कमाई नहीं थी।

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यशोधरा ने अपने पति सुरेश ओबरॉय  के संघर्ष में साथ देने के लिये अपने सारे ऐशो आराम की कुर्बानी दे दी । सुरेश ओबरॉय  के शुरुआती संघर्ष में साथ देने के लिये उंन्होने अपनी अलाशीन ज़िंदगी को छोड़कर मुंबई  में एक छोटे से घर तक मे रहने लगे गयी  थी जहाँ सुख सुविधा बिल्कुल भी नहीं थी। यशोधरा यहाँ अपने बर्तन तक खुद साफ कर रही थी जबकि उनके मायके में इस काम के लिये कई नौकर लगे रहते है।

यशोधरा का ऐसा प्यार देखकर  सुरेश ओबरॉय खुद को काफी खुशकिस्मत मानते है क्योंकि उन्होने उस समय अपनी अलाशीन ज़िंदगी को छोड़कर एक संघर्ष कर रहे व्यक्ति का साथ चुना । इस कपल का सच्चा प्यार देखकर हर कोई यही इच्छा रखता है कि उंन्हे भी ऐसा प्यार करने  साथी मिल जाये। सुरेश ओबरॉय और यशोधरा के बीच जो प्यार है उससे देखकर हर कोई हैरान है और खुश भी है क्योंकि ऐसे कपल बहुत कम जी जिनके बीच इतना प्यार और अंडरस्टैंडिंग होती है। आपकी जानकारी के लिये बता दे कि इस कपल की शादी को 40 साल हो चुके है और ये दोनो दो बच्चे विवेक ओबरॉय  और मेघना ओबरॉय  है । इनके बच्चे भी अपने  कैरियर में सेट हो चुके है।

 

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Author: d21m

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